Wednesday, March 23, 2011

नमन

देश के शान की खातिर अपने जान देने वाले शहीदों को आज के दिन शत-शत नमन.
भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को समर्पित पंक्तियाँ....

भगत ने प्राण देकर तब यहाँ दीपक जलाया था.
वो एक दीवाना था जिसने हमें रास्ता दिखाया था.
दिये को भी दिया तुमने था एक अंदाज़ जलने का.
निडर जीना निडर मरना यही सबको बताया था.

जय हिंद...
राजेश "नचिकेता"

22 comments:

  1. ऐसे जीवन देखकर मरने से डर लगना बन्द हो जाता है।

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  2. ओजपूर्ण पंक्तियाँ शाहीदेआज़म की शान में!!

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  3. राजेशजी....
    आपकी रचनाओं को पढ़ने में
    एक अलग ही आनंद मिलता है..!!
    हमेशा ही कुछ सार्थक बातें ही मिलती हैं....!!
    धन्यवाद,इतना अच्छा लिखने के लिए
    और हमें भी पढ़ने का अवसर देने केलिए.....!!

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  4. शहीदों को नमन ।

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  5. शहीदों को शत-शत नमन.

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  6. आओ छुककर सलाम करे उन्हें
    जिनकी जिंदगी में ये मुकाम आया
    किस कदर खुसनसीब हैं ये लोग
    जिनका लहू देश के काम आया |
    जय हिंद |

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  7. प्रेरणा प्रद है इनका जीवन हम भारतीयों के लिए .

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  8. सुंदर ओजपूर्ण पंक्तियाँ..... नमन ऐसे वीर देशभक्तों को....

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  9. दिये को भी दिया तुमने था एक अंदाज़ जलने का.
    निडर जीना निडर मरना यही सबको बताया था.

    बहुत प्रेरणादायी..आपकी लेखनी को नमन

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  10. बहुत प्रेरणादायी रचना|
    शहीदों को शत-शत नमन|

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  11. Bir shahidon ko shat-shat naman...
    sundar rachna..

    Mere blogs par aapka swagat hai.

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  12. Shahidon ko to naman hai hi sath me aapki rachanao ko bhi hardik naman..shubhkamnaye

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  13. उन अमर शहीदोंको नमन !

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  14. बल तो बेईमानी का भी होता है। मगर,केवल ईमानदारी का बल राष्ट्र को सर्वोपरि रख सकता है।

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  15. दिये को भी दिया तुमने था एक अंदाज़ जलने का.
    निडर जीना निडर मरना यही सबको बताया था.
    bahut achchi lagi.

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  16. वाक़ई,जोश भरती हुई पंक्तियाँ.
    शहीदों को नमन.

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  17. आपके ब्लॉग पर आकर अच्छा लगा. हिंदी लेखन को बढ़ावा देने के लिए आपका आभार. आपका ब्लॉग दिनोदिन उन्नति की ओर अग्रसर हो, आपकी लेखन विधा प्रशंसनीय है. आप हमारे ब्लॉग पर भी अवश्य पधारें, यदि हमारा प्रयास आपको पसंद आये तो "अनुसरण कर्ता" बनकर हमारा उत्साहवर्धन अवश्य करें. साथ ही अपने अमूल्य सुझावों से हमें अवगत भी कराएँ, ताकि इस मंच को हम नयी दिशा दे सकें. धन्यवाद . आपकी प्रतीक्षा में ....
    भारतीय ब्लॉग लेखक मंच
    डंके की चोट पर

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  18. दिन मैं सूरज गायब हो सकता है

    रोशनी नही

    दिल टू सटकता है

    दोस्ती नही

    आप टिप्पणी करना भूल सकते हो

    हम नही

    हम से टॉस कोई भी जीत सकता है

    पर मैच नही

    चक दे इंडिया हम ही जीत गए

    भारत के विश्व चैम्पियन बनने पर आप सबको ढेरों बधाइयाँ और आपको एवं आपके परिवार को हिंदी नया साल(नवसंवत्सर२०६८ )की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ!

    आपका स्वागत है
    "गौ ह्त्या के चंद कारण और हमारे जीवन में भूमिका!"
    और
    121 करोड़ हिंदुस्तानियों का सपना पूरा हो गया

    आपके सुझाव और संदेश जरुर दे!

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  19. नवसंवत्सर २०६८ की हार्दिक शुभकामनाएँ|

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  20. नव-संवत्सर और विश्व-कप दोनो की हार्दिक बधाई ....

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